ऐ सांप ! ! ! !
चमकीले सांप ! ! ! !
ओहो........
मीठे जहर के स्वामी सांप ! ! ! !
जरा देखो .......
मेरे सीने पे लोटते - लोटते
कहीं तुम्हारी केंचुली
घिस तो नहीं गयी ??????
चलो !
तुम्हें किसी चिकत्सक
को दिखा आये ! !
के बहुत दिनों से तुमने
डंक नहीं मारा ???
फन भी नहीं उठाया ??
अपनी फुसफुसाहट
की कला से
किसी के कान भी
नहीं भरे ???
क्या कहूँ
अब तो मैं चिंतित हूँ !!
कहीं मेरे दोगले
सांप का गला
चोटिल तो नहीं ???
कहो ???
के सबसे अधिक
अपने प्रेम से
तुमने ही तो
मेरे जीवन को
असहनीय बनाया है ।।
उसे बदनामी की
चादर में ढककर
नामी बनाया है ।।
चलो ना ! !
फिर अपने मूल
स्वाभाव का
रंग दिखलाओ ! !
और कुछ दिनों
के लिए मुझे रुलाओ ! !
खुद भी
मस्ती लो और
दूजो का भी
मन बहलाओ ।।
ऐ सांप ! !
चमकीले सांप -------
चमकीले सांप ! ! ! !
ओहो........
मीठे जहर के स्वामी सांप ! ! ! !
जरा देखो .......
मेरे सीने पे लोटते - लोटते
कहीं तुम्हारी केंचुली
घिस तो नहीं गयी ??????
चलो !
तुम्हें किसी चिकत्सक
को दिखा आये ! !
के बहुत दिनों से तुमने
डंक नहीं मारा ???
फन भी नहीं उठाया ??
अपनी फुसफुसाहट
की कला से
किसी के कान भी
नहीं भरे ???
क्या कहूँ
अब तो मैं चिंतित हूँ !!
कहीं मेरे दोगले
सांप का गला
चोटिल तो नहीं ???
कहो ???
के सबसे अधिक
अपने प्रेम से
तुमने ही तो
मेरे जीवन को
असहनीय बनाया है ।।
उसे बदनामी की
चादर में ढककर
नामी बनाया है ।।
चलो ना ! !
फिर अपने मूल
स्वाभाव का
रंग दिखलाओ ! !
और कुछ दिनों
के लिए मुझे रुलाओ ! !
खुद भी
मस्ती लो और
दूजो का भी
मन बहलाओ ।।
ऐ सांप ! !
चमकीले सांप -------
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